बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, सोशल मीडिया के जरिए कश्मीरी युवाओं को फुसला रहे आतंकी हैंडलर्स
CIK ने कश्मीर घाटी में दस अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया. इस ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि 16 से 25 वर्ष की आयु के कई युवा इस नेटवर्क में शामिल थे.
काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने कश्मीर के युवाओं को पाकिस्तान आधारित आतंकी हैंडलर्स द्वारा संचालित भ्रामक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जाल में फंसने के खिलाफ कड़ी चेतावनी जारी की है. यह अपील पाकिस्तानी कमांडरों से जुड़े एक नेटवर्क पर हालिया कार्रवाई के बाद सामने आई है.
कश्मीर घाटी में बड़े पैमाने पर छापेमारी
CIK ने कश्मीर घाटी में दस अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया. CIK के SSP ताहिर अशरफ ने कहा, "हमने कश्मीर में दस स्थानों पर छापेमारी की और उन मॉड्यूल्स को ध्वस्त किया, जो विभिन्न पाकिस्तानी आतंकी कमांडरों और हैंडलर्स द्वारा संचालित किए जा रहे थे, जिनके साथ लोग संपर्क में थे और यहां कई गतिविधियां करने की योजना बना रहे थे." इस ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि 16 से 25 वर्ष की आयु के कई युवा इस नेटवर्क में शामिल थे. अशरफ ने बताया, "इस घटना में कई लोगों की पहचान की गई है, खासकर 16-25 वर्ष की आयु के, जो इसमें शामिल हैं."
सोशल मीडिया का जिम्मेदार उपयोग जरूरी
CIK ने युवाओं को सोशल मीडिया का उपयोग सावधानी और जिम्मेदारी से करने की सलाह दी है. अशरफ ने कहा, "युवाओं को सोशल मीडिया का उपयोग बहुत समझदारी और जिम्मेदारी से करना चाहिए. यदि कोई उन्हें लालच दे, तो वे तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन जाएं." CIK ने यह भी पुष्टि की कि पिछले कुछ महीनों में पांच से छह ऐसे मॉड्यूल्स को नष्ट किया गया है.
आतंकी नेटवर्क का सोशल मीडिया के जरिए शिकार
CIK के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर्स सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से युवाओं को अपने जाल में फंसाते हैं. यह खुलासा कश्मीर में बढ़ते डिजिटल खतरों को उजागर करता है, जिससे युवाओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है.