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India Daily

आतंक के आकाओं की कमर टूटी! आधी रात पाकिस्तान में तबाही, जानें क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

भारतीय सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला आधी रात में लिया है. रक्षा मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके के 9 ठिकानों पर हमला किया गया. आइए जानते हैं क्या है ऑपरेशन सिंदूर?

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Edited By: Shanu Sharma
आतंक के आकाओं की कमर टूटी! आधी रात पाकिस्तान में तबाही, जानें क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
Courtesy: Social Media

Operation Sindoor: जस्टिस सर्वड, भारत में अचानक रात लगभग दो बजे यह संदेश तेजी से शेयर किया जाने लगा. इसी के साथ उन सभी लोगों के चेहरे पर खुशी आ गई, जिनको पहलगाम हमले के 15 दिन बाद तक भारत सरकार के एक्शन का इंतजार था. भारतीय सेना ने अंधेरे में ही ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देकर पूरे पाकिस्तान की नींद छिन ली.

पाकिस्तान के साथ विवाद के बीच भारत में मॉक ड्रील की तैयारी चल रही थी. गृह मंत्रालय द्वारा 7 मई को देश के 244 से भी ज्यादा जिलों में नागरिक सुरक्षा अभ्यास कराने का आदेश जारी किया गया था. हालांकि इसी बीच भारतीय सेना द्वारा 7 मई को सुबह लगभग दो बजे पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के अलग-अलग नौ ठिकानो पर हमला कर दिया गया. 

पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर हमला

रक्षा मंत्रालय द्वारा पाकिस्तान और पीओके के अलग-अलग ठिकानों से विस्फोट की आवाज सुनाई देने के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर की घोषणा की. PIB ने  इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी साझा किया. जिसमें बताया गया कि भारतीय सेना द्वारा यह हमला उन आतंकी ठिकानों पर किया गया, जहां भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की साजिश रची गई थी. पीआईबी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक इस ऑपरेशन के तहत पाकिस्तान और पीओके के कुल 9 जगहों को निशाना बनाया गया. 

पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को नुकसान नहीं

PIB ने एक बयान अपने बयान में कहा कि भारतीय सेना द्वारा की गई कार्रवाई केंद्रित और मापी रही. इस दौरान किसी भी पाकिस्तानी सैन्य सुविधाओं को निशाना नहीं बनाया गया. इस स्ट्राइक में केवल ज़िम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराए जाने की बात कही गई. पीआईबी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि आगे की जानकारी दी जाएगी. इस ऑपरेशन का नाम सिंदूर क्यों दिया गया इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है, लेकिन यह माना जा रहा है कि ये उन महिलाओं को समर्पित है, जिन्होंने पहलगाम हमले में अपना सिंदूर यानी अपनी पति और परिवार को खो दिया.