T20 World Cup 2026

बिना फास्टैग के गाड़ी चलाना हुआ महंगा, 15 नवंबर कैश पेमेंट और UPI पर लगेगा इतना चार्ज

नए सरकारी नियम के अनुसार, 15 नवंबर से गैर-फास्टैग वाहनों को नकद में दोगुना टोल देना होगा, लेकिन यूपीआई या डिजिटल मोड का उपयोग करने पर केवल 1.25 गुना भुगतान करना होगा.

X
Sagar Bhardwaj

केंद्र सरकार ने नकद लेनदेन को कम करने और डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए नया नियम लागू किया है. शनिवार को घोषणा की गई कि 15 नवंबर 2025 से, राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा में बिना वैध और कार्यात्मक FASTag के प्रवेश करने वाले वाहनों से UPI भुगतान चुनने पर सामान्य टोल शुल्क का 1.25 गुना शुल्क लिया जाएगा. वर्तमान में, बिना FASTag वाले वाहनों को नकद भुगतान पर दोगुना टोल देना पड़ता है.

डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहन

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण और संग्रह) नियम, 2008 में संशोधन किया गया है. नए नियम के तहत, बिना वैध FASTag वाले वाहन जो कैश में टोल शुल्क अदा करेंगे, उन्हें दोगुना शुल्क देना होगा. वहीं, UPI के माध्यम से भुगतान करने वाले वाहनों से केवल 1.25 गुना शुल्क लिया जाएगा. यह अधिसूचना 15 नवंबर 2025 से प्रभावी होगी.

पारदर्शिता और बेहतर अनुभव

मंत्रालय के अनुसार, यह कदम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने, टोल संचालन में पारदर्शिता लाने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेगा. यह नियम FASTag के उपयोग को प्रोत्साहित करेगा और टोल संग्रह को और अधिक सुगम बनाएगा.