Mumbai Rain: मुंबई और आसपास के जिलों में आफत की बारिश, रेड और ऑरेंज अलर्ट, अगले दो दिनों तक सावधान रहने की चेतावनी

Mumbai Rain: छत्तीसगढ़, केरल, कोंकण-गोवा, ओडिशा, तेलंगाना और कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. आंध्र प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल-सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भी बारिश के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

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Reepu Kumari

Mumbai Weather: इस वक्त देश के कई ऐसे राज्य हैं जहां आफत की बारिश हो रही है. इस वक्त अगर आप मुंबई घूमने की योजना बना रहे हैं या वहां रह हे हैं तो प्लान बनाने से पहले एक बार आईएमडी की रिपोर्ट जरुर पढ़ें. भारतीय मौसम विभाग की मानें तो मुंबई और आसपास के जिलों में अगले 48 घंटे भारी बारिश की संभावना बनी हुई है. विभाग के अनुसार, शनिवार 27 सितंबर से 29 सितंबर तक मुंबई में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है. इसके साथ ही पालघर, ठाणे और रायगढ़ जैसे इलाकों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है.

मुंबई में वर्तमान में ऑरेंज अलर्ट जारी है, जिसका अर्थ है कि हल्की गरज, तेज हवाओं और मध्यम बारिश की स्थिति रह सकती है. वहीं, महाराष्ट्र के कई अन्य जिलों जैसे जालना, बीड और सोलापुर में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे यहां कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई जा रही है.

अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय

आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी मानसून सक्रिय है. छत्तीसगढ़, केरल, कोंकण-गोवा, ओडिशा, तेलंगाना और कर्नाटक में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. आंध्र प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल-सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भी बारिश के साथ बिजली गिरने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

ऑरेंज और रेड अलर्ट

  • मुंबई में 27 से 29 सितंबर तक भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान.
  • पालघर, ठाणे और रायगढ़ समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी.
  • जालना, बीड, सोलापुर में रेड अलर्ट घोषित.
  • छत्तीसगढ़, केरल, ओडिशा, तेलंगाना और कर्नाटक में भी भारी बारिश की संभावना.
  • तटीय और समुद्री इलाकों में 65 किमी/घंटा तक की तेज हवाएं चलने की चेतावनी.

वहीं, अरब सागर और सोमालिया तट के आसपास तेज हवाओं की गति और बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. ऐसे में समुद्री गतिविधियों और तटीय इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है.