'बलात्कारी' निकला पंजाब का स्वयंभू ईसाई पादरी बजिंदर सिंह, कोर्ट ने 2018 में महिला से रेप के मामले में ठहराया दोषी

पीड़िता के पति का कहना है कि बजिंदर सिंह को 6 महीने तक जेल में रहना पड़ा था, लेकिन सरकार और लोगों के समर्थन से उन्हें न्याय मिला. उन्होंने कहा कि भगवान ने पास्टर को उसकी गलतियों की सजा दी है.

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Mayank Tiwari

पंजाब के मोहाली की एक कोर्ट ने साल 2018 के बलात्कार मामले में स्वघोषित क्रिश्चियन पास्टर बजिंदर सिंह को दोषी ठहराया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए 1 अप्रैल को सजा का ऐलान करने का फैसला लिया है. वहीं, इस मामले में अन्य 5 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता की ओर से शिकायत किए जाने के बाद बजिंदर सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं 76, 420, 354, 294, 323, 506, 148 और 149 के तहत मामला दर्ज किया गया था. जहां बजिंदर पर कई आरोप थे, जिनमें बलात्कार, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अपराध शामिल थे.

पीड़िता का परिवार न्याय पाने से हुआ खुश

कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है. पीड़िता के पति ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पास्टर बजिंदर सिंह लगातार कोर्ट में पेश होने से बचता रहा, और बीमारी व अन्य बहानों का हवाला देकर मामले को टालता रहा. इसके अलावा वह अदालत को गुमराह कर विदेश भी गया, लेकिन उनके परिवार ने कभी हार नहीं मानी. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें मुकदमे के दौरान भारी दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने न्याय की लड़ाई जारी रखी.

परिवार बोला- कड़ी सजा हो ताकि अपराधियों को एक उदाहरण मिले

पीड़िता के पति ने ये भी बताया कि बजिंदर सिंह को 6 महीने तक जेल में रहना पड़ा था, लेकिन सरकार और लोगों के समर्थन से उन्हें न्याय मिला. उन्होंने कहा कि भगवान ने पास्टर को उसकी गलतियों की सजा दी है, और अब उनका परिवार कड़ी से कड़ी सजा की मांग करता है, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने के लिए कई बार सोचे.

पादरी बजिंदर सिंह पर एक और FIR दर्ज

बता दें कि, कुछ दिन पहले बजिंदर सिंह का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वह एक महिला को थप्पड़ मारते हुए और अपने एक कर्मचारी पर हमला करते हुए दिखाई दे रहा था. इस वीडियो के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद, उनके खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है, जिससे उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाइयों का सिलसिला और बढ़ सकता है.