'ब्रिटिश परिवारों को नहीं दिए गलत शव', भारत ने एयर इंडिया हादसे पर ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्ट को किया खारिज
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने रिपोर्ट देखी है और जब से ये चिंताएँ और मुद्दे हमारे ध्यान में लाए गए हैं, हम ब्रिटिश पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. इस दुखद दुर्घटना के बाद, संबंधित अधिकारियों ने स्थापित प्रोटोकॉल और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार पीड़ितों की पहचान की थी.
अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिवारों का दिल दहलाने वाला आरोप सामने आया था. जिसमें यूके डेली मेल में प्रकाशित एयर इंडिया विमान दुर्घटना से संबंधित एक रिपोर्ट के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने ब्रिटिश मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज किया जिसमें दावा किया गया था कि ब्रिटेन के परिवारों को एयर इंडिया विमान दुर्घटना के पीड़ितों के गलत शव मिले थे.
दरअसल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा, "हमने रिपोर्ट देखी है और जब से यह चिंता और मुद्दे हमारे संज्ञान में आए, तब से हम यूके पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं." उन्होंने बताया कि इस दुखद हादसे के बाद, संबंधित अधिकारियों ने स्थापित प्रोटोकॉल और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार पीड़ितों की पहचान की प्रक्रिया को अंजाम दिया.
पीड़ितों के अवशेषों के प्रति सम्मान
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बात पर बल दिया कि सभी मृतकों के अवशेषों को अत्यंत व्यावसायिकता और मृतकों की गरिमा का सम्मान करते हुए संभाला गया. "सभी मृतकों के अवशेषों को अत्यंत व्यावसायिकता के साथ और मृतकों की गरिमा का पूरा ध्यान रखते हुए संभाला गया." यह बयान उन चिंताओं को संबोधित करता है जो इस मामले में उठाई गई थीं.
आगे की क्या हो रही कार्रवाई!
भारत सरकार इस मामले से संबंधित किसी भी चिंता को दूर करने के लिए यूके अधिकारियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी. रणधीर जयसवाल ने आश्वासन दिया कि दोनों देश इस संवेदनशील मुद्दे पर पारदर्शिता और सहयोग के साथ काम कर रहे हैं. यह कदम न केवल पीड़ितों के परिवारों को सम्मान प्रदान करता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी मजबूत करता है.
क्या है पूरा मामला जिसमें MEA को देनी पड़ी सफाई!
बता दें कि, डेली मेल की खबरों में दावा किया गया है कि कम से कम दो मामलों में शव वो नहीं थे जिन्हें उनके परिवारों ने पहचाना था, जिससे शोकाकुल परिवारों में घबराहट और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है. जहां एक ब्रिटिश परिवार ने तो अपने रिश्तेदार के अंतिम संस्कार को रद्द कर दिया जब उन्होंने पाया कि कफिन में शव किसी अज्ञात यात्री का था. दूसरे मामले में, एक ही कफिन में कई शवों को मिलाकर रखा गया था, जिसके लिए फोरेंसिक sorting की जरूरत पड़ी, ताकि अंतिम संस्कार हो सके.
अहमदाबाद प्लेन क्रैश हादसा
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 का क्रैश हुआ था, जिसमें कुल 261 यात्री सवार थे, जिनमें से 52 ब्रिटिश नागरिक थे. अब यह खुलासा होने पर कि कम से कम दो शवों की पहचान गलत हो सकती है या वे आपस में मिल गए थे, परिवारों में और भी अधिक चिंता और गुस्सा बढ़ गया है.
ये गलती तब सामने आई जब मृतकों के डीएनए को परिवारों से मिलाने की प्रक्रिया में यह भिन्नता पाई गई. वेस्ट लंदन की कोरोनर डॉ. फियोना विलकॉक्स ने इस गड़बड़ी को पहचानते हुए अधिकारियों को सूचित किया. अगर उन्होंने यह कदम न उठाया होता, तो यह गड़बड़ी शायद अज्ञात ही रहती.