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Vaishno Devi yatra: भारत-पाक तनाव के बीच माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रा अस्थायी रूप से बंद, जम्मू में बढ़ाई गई सुरक्षा

भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरों के बीच श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पवित्र वैष्णो देवी तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है. बोर्ड ने तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे कम से कम 10 मई 2025 की सुबह 5 बजे तक मंदिर की यात्रा से बचें.

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Garima Singh

Mata Vaishno Devi yatra: भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव और सुरक्षा खतरों के बीच श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने पवित्र वैष्णो देवी तीर्थयात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है. बोर्ड ने तीर्थयात्रियों को सलाह दी है कि वे कम से कम 10 मई 2025 की सुबह 5 बजे तक मंदिर की यात्रा से बचें. यह निर्णय संभावित हवाई खतरों के मद्देनजर लिया गया है, क्योंकि जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा रहा है. 

हाल के दिनों में जम्मू और जैसलमेर सहित कई उत्तरी राज्यों में ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं. सीमा पार से होने वाली सैन्य गतिविधियों और हवाई घुसपैठ की घटनाओं के बाद जम्मू क्षेत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है. वैष्णो देवी मंदिर, जो पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है, प्रतिदिन हजारों भक्तों को आकर्षित करता है. ऐसे में प्रशासन भक्तों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है. 

श्राइन बोर्ड का आधिकारिक बयान

श्राइन बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "सभी तीर्थयात्रियों से अनुरोध है कि वे बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराए गए निर्धारित आश्रय स्थलों पर ही रहें. तीर्थस्थल पर मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.' स्थानीय प्रशासन को रक्षा बलों के साथ मिलकर किसी भी हवाई खतरे के प्रति सतर्क रहने और क्षेत्र में तीर्थयात्रियों व स्थानीय निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.

पाकिस्तानी मिसाइल हमले नाकाम

रक्षा सूत्रों के अनुसार, भारतीय वायु रक्षा इकाइयों ने गुरुवार शाम को जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों में पाकिस्तान द्वारा दागी गईं कम से कम आठ मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया. इन मिसाइलों ने सतवारी (जम्मू हवाई अड्डा), सांबा, आरएस पुरा और अरनिया जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाया था. सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना हमास जैसे आतंकी संगठनों की रणनीति अपना रही है. पिछले महीने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आईएसआई और हमास के बीच हुई बैठक का भी हवाला दिया गया.