पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर नियुक्त, पड़ोसी देशों के साथ संबंधों में आया नया मोड़
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश का हाई कमिश्नर नियुक्त किया गया है. इस बात की जानकारी बीजेपी नेता और सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर दी है.
केंद्र सरकार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का नया हाई कमिश्नर नियुक्त करने का फैसला किया है. यह नियुक्ति पारंपरिक कूटनीतिक रिवाज से अलग हटकर है, क्योंकि आमतौर पर पड़ोसी देशों में भारतीय विदेश सेवा के करियर डिप्लोमेट्स को ही भेजा जाता है.
त्रिवेदी के अनुभव और पश्चिम बंगाल से जुड़ाव को देखते हुए इस फैसले को भारत-बांग्लादेश संबंधों को नई दिशा देने की रणनीतिक पहल माना जा रहा है. दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल के बैरकपुर से पूर्व सांसद रह चुके हैं. उन्होंने तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के बाद वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा.
दिनेश त्रिवेदी का अबतक का करियर
त्रिवेदी ने केंद्र में रेल मंत्री और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शासन और राजनीति में लंबा अनुभव रखने वाले एक नेता को इस पद पर भेजना एक साफ संकेत है. नई दिल्ली अब पड़ोसी देशों के साथ संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक स्तर की समझ और संपर्कों को प्राथमिकता दे रही है. बंगाल से जुड़े होने के कारण त्रिवेदी क्षेत्रीय मुद्दों जैसे सीमा प्रबंधन, साझा नदियां और सांस्कृतिक निकटता को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे. इससे क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा पर अधिक प्रभावी ध्यान केंद्रित होने की उम्मीद है.
अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर शेयर किया पोस्ट
भाजपा के वरिष्ठ नेता और सूचना एवं प्रौद्योगिकी प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस नियुक्ति पर बधाई देते हुए लिखा कि वरिष्ठ भाजपा नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और बैरकपुर के सांसद दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का हाई कमिश्नर नियुक्त होने पर बधाई. इस पोस्ट ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में काफी चर्चा पैदा की है. त्रिवेदी आउटगोइंग हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा की जगह लेंगे, जो अब ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ के लिए भारतीय राजदूत के रूप में जाएंगे. दिनेश त्रिवेदी की नियुक्ति को भारत की पड़ोसी नीति में एक नया अध्याय माना जा रहा है. राजनीतिक व्यक्ति को भेजकर सरकार संकेत दे रही है कि कूटनीति अब केवल पारंपरिक चैनलों तक सीमित नहीं रहेगी. बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक परिवर्तनों के बाद दोनों देश संबंधों को रीसेट करने की कोशिश में हैं.
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