'हम नहीं जानते कल क्या होगा', फारूक अब्दुल्ला ने की भारत-पाकिस्तान युद्ध की भविष्यवाणी!
फारूक अब्दुल्ला ने भारत सरकार के उस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें पहलगाम हमले के मद्देनजर पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा गया. उन्होंने कहा कि यह एक्शन ठीक नहीं है. यह मानवता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग पिछले 70 सालों से यहां रह रहे हैं और कुछ 25 सालों से...यह सही नहीं है.
जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्लाह ने गुरुवार को हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे सुरक्षा चूक और खुफिया तंत्र की विफलता बताते हुए कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र को अस्थिर करना चाहता है.
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मुद्दे पर श्रीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने दोनों देशों के बीच एक बड़े संघर्ष की आशंका की चेतावनी दी.
उन्होंने कहा, 'हम नहीं जानते कि कल क्या होगा. आज दोनों देश युद्ध में जाने की तैयारी कर रहे हैं. पूरी दुनिया में प्रयास किये जा रहे हैं कि ये ना हो और आतंकियों और यह हमला करने वालों को पकड़ने का रास्ता निकाला जा सके लेकिन हम नहीं जानते कि कल क्या होगा?'
पीएम मोदी का समर्थन किया
अब्दुल्ला ने हमले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया का समर्थन करते हुए कश्मीर में तनाव बढ़ाने में पाकिस्तान की भूमिका की आलोचना की.
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि यह सुरक्षा और खुफिया चूक का मामला था. वे (पाकिस्तान) इस सत्य को पसंद नहीं करते कि हम अपना जीवन बहुत अच्छे से जी रहे हैं...हमारे लोगों के बीच दुष्प्रचार फैलाया गया और इसलिए उन्होंने पहलगाम हमले का सहारा लिया लेकिन उन्होंने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि यह भारत के मुसलमानोंको किस तरह से प्रभावित करेगा...पिछले 10 सालों से एक ही कहानी चल रही है. मुसलमानों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए...हमारी मस्जिदें जलाने के लिए...हम पहले से ही इससे निपट रहे थे. अब पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने दो-राष्ट्र के सिद्धांत की बात कहकर उकसाया है...अगर युद्ध होता है तो यह बातचीत की मेज पर आएगा, लेकिन बातचीत की मेज पर क्या होगा यह केवल अल्लाह ही जानता है.
पाकिस्तानी लोगों को देश छोड़ने के लिए कहना मानवता के खिलाफ
हालांकि फारूक अब्दुल्ला ने भारत सरकार के उस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई जिसमें पहलगाम हमले के मद्देनजर पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा गया. उन्होंने कहा कि यह एक्शन ठीक नहीं है. यह मानवता के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग पिछले 70 सालों से यहां रह रहे हैं और कुछ 25 सालों से...यह सही नहीं है.