Donald Trump Tariffs: क्या ट्रंप ने मानी हार! भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता जारी रखेंगे, 'पीएम मोदी से बात करने को उत्सुक'
अगले हफ्ते एक भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल के वाशिंगटन पहुंचने की उम्मीद है, इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी से प्रतिक्रिया की उम्मीद है. राष्ट्रपति ट्रंप ने आज कहा,"मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका, दोनों देशों के बीच व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखे हुए हैं.
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने के लिए अगले हफ्ते दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल आपस में मुलाकात करेंगे. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे आगामी हफ्तों में एक सफल कारोबारी समझौते को अंतिम रूप दें. दरअसल,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उनका प्रशासन भारत के साथ दोनों देशों के बीच "व्यापार बाधाओं" को दूर करने के लिए बातचीत जारी रखेगा.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 6 सितंबर को सोशल मीडिया पर हाई लेवल मीटिंग के बाद, ट्रंप ने आज घोषणा की, “मुझे यह ऐलान करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि भारत और अमेरिका हमारे दोनों देशों के बीच कारोबार से जुड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत के लिए जारी रखे हुए हैं. मैं अपने बहुत अच्छे मित्र, प्रधानमंत्री मोदी से आने वाले हफ्तों में बात करने के लिए उत्सुक हूं. मुझे पूर्ण विश्वास है कि दोनों महान देशों के लिए एक सफल निष्कर्ष तक पहुंचने में कोई कठिनाई नहीं होगी.”
भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अमेरिका यात्रा
प्रधानमंत्री मोदी की ओर से ट्रंप के बयान पर सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब की प्रतीक्षा है. संभावना है कि अगले हफ्ते भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल अमेरिका रवाना होगा ताकि व्यापारिक बाधाओं को हल किया जा सके और दोनों देशों के लिए लाभकारी समझौता सुनिश्चित हो.
ट्रंप का बयान यह भी संकेत देता है कि वाशिंगटन से भारत के खिलाफ उठने वाली अन्य आलोचनाओं का कोई खास महत्व नहीं है, क्योंकि अमेरिकी नेता ने खुद बातचीत को पटरी पर लाने का जिम्मा लिया है. इसी तरह, पीएम मोदी भी अपने अधिकारियों को इस समझौते को मजबूत करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. पीएम मोदी ने भी ट्रंप की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी और कहा था कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति की भावनाओं और उनके संबंधों के उनके "सकारात्मक मूल्यांकन" की "गहरी सराहना" करते हैं और "पूरी तरह से उसका समर्थन" करते हैं.
रक्षा सौदों में आई प्रगति
कारोबारी समझौते के साथ-साथ, 17-18 सितंबर को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा ताकि छह पी8आई पनडुब्बी रोधी युद्धक विमानों की कीमत पर भारत की चिंताओं का समाधान हो, जिनकी कीमत करीब तीन अरब डॉलर है. इसके अलावा, इस महीने दोनों देश तेजस मार्क I A लड़ाकू विमान के लिए 113 जीई-404 इंजन खरीदने के सौदे पर हस्ताक्षर करेंगे. ऐसे में कुछ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा भारत को निशाना बनाने से पैदा तनाव के बावजूद, दोनों देशों के संबंध सकारात्मक दिशा में बढ़ रहे हैं.
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