Dangerous flight illegal Travel: फ्लाइट में बिना टिकट यात्रा करना सुनने में रोमांचक लग सकता है, लेकिन हकीकत में यह अत्यंत खतरनाक और अवैध है. आम तौर पर लोग टॉयलेट, सीट के नीचे या केबिन में छिपकर यात्रा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने इस सीमा को पार कर दिया. फ्लाइट के लैंडिंग गियर या टायर में छिपकर सफर करने वाले मामलों ने पूरी दुनिया को हिला दिया है. ऐसे सफर में न्यूनतम ऑक्सीजन, माइनस तापमान और लंबे समय तक शरीर पर अत्यधिक दबाव व्यक्ति की जान लेने के लिए पर्याप्त होते हैं.
ऐसे ही मामले पंजाब और काबुल से लेकर लंदन तक दर्ज हुए हैं. 1996 में पंजाब के दो भाई, प्रदीप और विजय सैनी ने ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट के लैंडिंग गियर में छिपकर लंदन जाने की कोशिश की. इसी तरह, अफगानिस्तान के 13 वर्षीय किशोर ने KAM एयरलाइंस की फ्लाइट में 94 मिनट तक लैंडिंग गियर में छिपकर काबुल से दिल्ली तक का सफर तय किया. इन कहानियों में जीवन और मौत का खेल साफ दिखाई देता है.
पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद के संदिग्धों से बचने के लिए दोनों भाई ब्रिटेन जाने का फैसला करते हैं. पासपोर्ट और पर्याप्त पैसे न होने के बावजूद, तस्कर की मदद से लैंडिंग गियर में छिपकर 10 घंटे की उड़ान पूरी की. बड़े भाई प्रदीप जिंदा बचे, लेकिन छोटे भाई विजय की मौत हो गई. हीथ्रो एयरपोर्ट पर प्रदीप को गंभीर हाइपोथर्मिया के साथ पाया गया.
13 साल के लड़के ने KAM एयरलाइंस की फ्लाइट में लैंडिंग गियर में छिपकर काबुल से दिल्ली तक 94 मिनट तक जीवित रहने की हिम्मत दिखाई. अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी में यह सफर चमत्कार से कम नहीं था.
24 वर्षीय व्यक्ति ने लैंडिंग गियर में छिपकर 11 घंटे की उड़ान पूरी की. जबकि दूसरा व्यक्ति इस दौरान मारा गया. विशेषज्ञों के अनुसार इतनी ऊंचाई और न्यून ऑक्सीजन में जीवित रहना असंभव माना जाता है.
22 वर्षीय अरमांडो सोकारस रामिरेज़ ने पहिए के डिब्बे में सफर किया. उन्हें बहुत ठंड और कानों में दर्द हुआ, लेकिन वह जीवित रहे.
15 वर्षीय याह्या अब्दी ने 5 घंटे की उड़ान में जीवित रहने की अद्भुत कहानी लिखी. विशेषज्ञों ने इसे चमत्कार बताया.
2000–2012 में ताहिती, लॉस एंजेल्स, क्यूबा, मॉन्ट्रियल और वियना से लंदन तक के सफर में लोग लैंडिंग गियर में छिपकर यात्रा कर चुके हैं. कुछ जीवित बचे, जबकि अन्य की मौत हुई. फ्लाइट में बिना टिकट छिपकर सफर करना न केवल अवैध है, बल्कि जानलेवा भी है.