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VIDEO कॉल पर पाकिस्तानी लड़की से निकाह, फिर भारत में छिपाकर रखने की कोशिश; राज खुलते ही CRPF जवान की गई नौकरी

CRPF Jawan Married Pakistani Woman: CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवान मुनीर अहमद को पाकिस्तानी लड़की से शादी करने के मामले में सेवा से हटा दिया गया है. लेकिन मुनीर का कहना है कि उन्होंने CRPF हेडक्वार्टर से बाकायदा अनुमति ली थी, फिर भी उन्हें अचानक बर्खास्त कर दिया गया.

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Edited By: Princy Sharma
VIDEO कॉल पर पाकिस्तानी लड़की से निकाह, फिर भारत में छिपाकर रखने की कोशिश; राज खुलते ही CRPF जवान की गई नौकरी
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CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवान मुनीर अहमद को पाकिस्तानी लड़की से शादी करने के मामले में सेवा से हटा दिया गया है. लेकिन मुनीर का कहना है कि उन्होंने CRPF हेडक्वार्टर से बाकायदा अनुमति ली थी, फिर भी उन्हें अचानक बर्खास्त कर दिया गया.

जम्मू के घरोटा इलाके के रहने वाले मुनीर ने बताया कि उन्हें सबसे पहले मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला कि उनकी नौकरी चली गई है. इसके बाद उन्हें CRPF की तरफ से एक आधिकारिक पत्र मिला, जिसमें उनके डिसमिसल (नौकरी से निकाले जाने) की सूचना दी गई थी.

मई 2024 में की थी मुनीर से शादी

मुनीर ने मई 2024 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की रहने वाली मिनाल खान से शादी की थी. दोनों की मुलाकात ऑनलाइन हुई थी और 24 मई 2024 को वीडियो कॉल के जरिए उनका निकाह हुआ. मुनीर का कहना है कि उन्होंने शादी से पहले 31 दिसंबर 2022 को ही CRPF को इस बारे में सूचित कर दिया था और 30 अप्रैल 2024 को मुख्यालय से इजाजत भी मिल गई थी.

CRPF ने मुनीर पर लगाया आरोप

CRPF का आरोप है कि मुनीर ने यह शादी गुप्त रूप से की और मिनाल को वीजा समाप्त होने के बाद भी भारत में रहने दिया, जिससे सुरक्षा को खतरा हो सकता था. यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब भारत में पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर राजनयिक सख्ती बढ़ी थी.

लॉन्ग-टर्म वीजा का आवेदन

मिनाल भारत में 28 फरवरी को वाघा-अटारी बॉर्डर से आई थीं और उनका वीजा 22 मार्च को खत्म हो गया था. लेकिन उन्होंने और मुनीर ने लॉन्ग-टर्म वीजा के लिए आवेदन किया और जरूरी दस्तावेज भी कोर्ट में जमा किए. इसके बाद जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने मिनाल की डिपोर्टेशन (वापसी) पर रोक लगा दी थी.

अचानक किया ट्रांसफर 

शादी के बाद, मुनीर ने अपनी यूनिट (72 बटालियन) को निकाह की तस्वीरें, दस्तावेज और मैरिज सर्टिफिकेट भी सौंपे थे. लेकिन इसके बावजूद उन्हें मार्च में अचानक भोपाल की 41वीं बटालियन में ट्रांसफर कर दिया गया और सिर्फ दो दिन में रिपोर्ट करने को कहा गया, जबकि आम तौर पर 15 दिन का समय दिया जाता है.

मुनीर का कहना है कि उन्होंने भोपाल में अपने नए अधिकारियों के सामने अपनी शादी की पूरी जानकारी दी और रिकॉर्ड बुक में भी अपडेट कराया. इसके बावजूद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया. अब मुनीर इस फैसले को न्यायालय में चुनौती देने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मैंने सारी प्रक्रिया का पालन किया था. मुझे उम्मीद है कि कोर्ट से मुझे न्याय मिलेगा.'