'हिंदी में होनी चाहिए बातचीत', आतंकी यासीन भटकल को मां से वीडियो कॉन्फेंसिग के जरिए बात करने के लिए कोर्ट ने दी इजाजत

Yasin Bhatkal: कई आतंकी घटनाओं में दोषी ठहराए गए आतंकी यासीन भटकल को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मां से मिलने की अनुमति दे दी है. आतंकी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मां से मिलने की अनुमति दी गई है.

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Yasin Bhatkal: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने दोषी ठहराए गए इंडियन मुजाहिदीन के आतंकवादी यासीन भटकल को अपनी बीमार मां से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुलाकात करने की इजाजत दे दी है. आतंकी ने मां से व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए कस्टडी पैरोल की अनुमति मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने इसके बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुलाकात की अनुमति दे दी.

कोर्ट ने जेल के सुपरिटेंडेंट को आतंकी यासीन भटकल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी मां से मुलाकात कराने का आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि एक समय में घर के एक सदस्य से ही मुलाकात होनी चाहिए और जो  भी बात होगी वह हिंदी भाषा में होनी चाहिए. 

सुरक्षा के लिहाज से रिकॉर्ड हो सकती है बातचीत

कोर्ट ने जेल के सुपरीटेंडेंट को ये भी आदेश दिया कि अगर सुरक्षाकारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रही बात को रिकॉर्ड करने की आवश्यकता पड़े तो रिकॉर्ड किया जा सकता है. ये शर्तें अदालत के सतर्क दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिसमें भटकल की आतंकवाद में संलिप्तता के कारण मानवीय अनुरोध को कड़े सुरक्षा उपायों के साथ संतुलित किया गया है.

दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद आतंकी यासीन भटकल ने अपनी मां से मिलने की अर्जी डाली थी, जिनकी हाल ही में कॉर्डिक सर्जरी हुई थी.  यासीन भटकल को 2016 में हैदराबाद की अदालत ने दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाए थे. उसे कई आतंकी घटनाओं में दोषी पाया गया था. 

इस नियम के तहत मांगी थी मां से मिलने की इजाजत

आतंकी यासीन भटकल ने अपील में दिल्ली जेल नियम 2018 के पैरा 1203 का उल्लेख करते हुए अपनी मां से मिलने की अनुमति की मांगी की थी, जिसमें कहा गया है कि कोई भी कैदी अपने परिवार से मिलने के लिए पैरोल पा सकता है यदि उसके परिवार में किसी सदस्य की शादी है, या किसी की मृत्यु हो जाती है या फिर परिवार का कोई सदस्य गंभीर बीमारी से जूझ रहा है.