'भारतीय प्रधानमंत्रियों की परंपरा नहीं रही...,' प्रियंका गांधी, खड़गे ने मणिपुर दौरे को लेकर मोदी पर हमला बोला
कांग्रेस महासचिव और वायनाड से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि प्रधानमंत्री मोदी ने दो साल बाद फैसला किया है कि उनका मणिपुर आना उचित है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार (13 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के दो साल बाद वहां की यात्रा करने पर आलोचना की है. उन्होंने केरल के वायनाड में पत्रकारों से कहा, "मुझे खुशी है कि उन्होंने दो साल बाद यह फैसला किया है कि यह दौरा उनके लिए फायदेमंद होगा. उन्हें बहुत पहले ही यहाँ आ जाना चाहिए था.
पीएम मोदी की देरी को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताते हुए, प्रियंका गांधी ने कहा, "उन्होंने इतने लंबे समय तक वहां जो कुछ हो रहा था, उसे होने दिया, इतने लोगों को मरने दिया और इतने लोगों को इतनी कठिनाइयों से गुजरने दिया, उसके बाद ही उन्होंने वहाँ जाने का फ़ैसला किया. भारत में प्रधानमंत्रियों की यह परंपरा नहीं रही है. शुरू से ही, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों, जहां भी दर्द, जहाँ भी दुख-दर्द होता, वे वहाँ जाते. आज़ादी के बाद से यही परंपरा रही है. इसलिए, वह दो साल बाद इसे पूरा कर रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें पहले ही इस बारे में सोचना चाहिए था."
जानिए पीएम मोदी के मणिपुर दौरे पर क्या बोले?
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी की पूर्वोत्तर राज्य की तय यात्रा पर प्रतिक्रिया दी है. खड़गे और केवल तीन घंटे के दौरे के लिए उनकी आलोचना की तथा इसे "तमाशा, दिखावा और घायल लोगों का घोर अपमान" बताया. खड़गे ने कहा कि इम्फाल और चुराचांदपुर में नियोजित रोड शो राहत शिविरों में लोगों की दुर्दशा को न सुनने के लिए “कायरतापूर्ण पलायन के अलावा कुछ नहीं” है.
मणिपुर में आपका तीन घंटे का पड़ाव कोई करुणा नहीं
खड़गे ने एक्स पर एक पोस्ट लिखा, "मणिपुर में आपका तीन घंटे का पड़ाव कोई करुणा नहीं है. यह एक तमाशा, दिखावा और घायल लोगों का घोर अपमान है. इम्फाल और चुराचांदपुर में आज आपका तथाकथित रोड शो, राहत शिविरों में लोगों की चीखें सुनने से बचने के अलावा और कुछ नहीं है!" उन्होंने मोदी की कई विदेश यात्राएं करने के लिए आलोचना की और दावा किया कि राज्य में लगभग 300 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हो गए हैं.
864 दिन की हिंसा में 300 लोगों ने गंवाई जान
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, "864 दिन की हिंसा: ~300 लोगों की जान गई, 67,000 विस्थापित हुए, 1,500 घायल। आपने इस दौरान 46 विदेश यात्राएं कीं, लेकिन अपने नागरिकों के लिए दो शब्दों की संवेदना तक नहीं जताई। मणिपुर में आपकी आखिरी यात्रा? जनवरी 2022 -- चुनाव के लिए! आपकी 'डबल इंजन' ने मणिपुर के निर्दोष लोगों की जिंदगियां तबाह कर दीं."
अमित शाह पर भी बोला हमला
खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा, दोनों नेताओं की "घोर अक्षमता और मिलीभगत" को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा, "आप और गृह मंत्री अमित शाह की घोर अक्षमता और सभी समुदायों के साथ विश्वासघात को छिपाने के लिए राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया. हिंसा अब भी जारी है .बीजेपी कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अब केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है, जो फिर से टालमटोल कर रही है। यह न भूलें कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा गश्त की जिम्मेदारी भी आपकी सरकार की है."
PM मोदी की मणिपुर यात्रा और परियोजनाएं
पीएम मोदी 13 से 15 सितंबर तक मिजोरम, मणिपुर, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। मणिपुर में वे चुराचांदपुर में दोपहर 12:30 बजे 7,300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें 3,600 करोड़ रुपये की मणिपुर शहरी सड़क, जल निकासी और परिसंपत्ति प्रबंधन परियोजना, 2,500 करोड़ रुपये से अधिक की पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं, मणिपुर इन्फोटेक डेवलपमेंट (MIND) परियोजना और 9 जगहों पर कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल शामिल हैं. इसके बाद, इंफाल में वे 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे.
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