'राहुल गांधी 'दूसरे अंबेडकर हो सकते हैं,' कांग्रेस नेता उदित राज की OBC से अपील पर BJP ने किया 'अपमान' भरा पलटवार
दलित नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने ओबीसी से राहुल गांधी का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि यह पिछड़े वर्गों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित हो सकता है.उदित राज का राहुल गांधी को "दूसरा अंबेडकर" कहना और बीजेपी का इस पर तीखा हमला भारतीय राजनीति में जातिगत मुद्दों की संवेदनशीलता को दर्शाता है.
कांग्रेस नेता उदित राज ने दावा किया कि राहुल गांधी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए "दूसरे अंबेडकर" साबित हो सकते हैं. इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उदित राज पर दलित समुदाय और डॉ. बी.आर. अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया. दिल्ली के पूर्व सांसद और प्रमुख दलित नेता उदित राज ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ओबीसी समुदाय से अपील की कि वे राहुल गांधी के हालिया बयानों का समर्थन करें.
सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर दलित नेता उदित राज ने अपनी पोस्ट में लिखा, "इतिहास बार-बार प्रगति के अवसर नहीं देता." उन्होंने ओबीसी समुदाय से राहुल गांधी के शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में दिए गए बयानों का समर्थन करने का आग्रह किया.
हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया, "कांग्रेस पार्टी और मेरे काम में एक कमी रही: मैंने ओबीसी समुदाय की रक्षा उतनी नहीं की, जितनी करनी चाहिए थी. इसका कारण यह है कि उस समय मुझे ओबीसी के मुद्दों की गहरी समझ नहीं थी. 10-15 साल पहले मैंने दलितों की समस्याओं को समझा. उनके मुद्दे दिखाई देते हैं, आसानी से समझ आते हैं, लेकिन ओबीसी की समस्याएं छिपी रहती हैं. अगर मुझे उस समय आपके मुद्दों और समस्याओं की जानकारी होती, तो मैंने उसी समय जाति-आधारित जनगणना करवाई होती. यह मेरी गलती थी, जिसे मैं अब सुधारने जा रहा हूं."
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी ने उदित राज के बयान पर कड़ा ऐतराज जताया. बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एनडीटीवी के हवाले से कहा, "दलितों और बी.आर. अंबेडकर का अपमान करना कांग्रेस की पहचान बन गया है... असली अंबेडकर का अपमान किसने किया? उन्हें भारत रत्न किसने नहीं दिया? जम्मू-कश्मीर में उनके संविधान को लागू नहीं होने दिया? मुस्लिम आरक्षण की बात किसने की? आरक्षण को गलत किसने बताया... जवाहरलाल नेहरू."
उन्होंने आगे कहा, "वे दूसरा अंबेडकर बनना चाहते हैं, न कि नेहरू या इंदिरा गांधी? इसका मतलब है कि गांधी परिवार स्वीकार कर रहा है कि नेहरू और इंदिरा गांधी गलत रास्ते पर थे."
जातिगत जनगणना का मुद्दा
राहुल गांधी ने हाल के वर्षों में जातिगत जनगणना की मांग को जोर-शोर से उठाया है. 1931 के बाद से भारत में जातिगत आंकड़े एकत्र या सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. अनुमान के मुताबिक, ओबीसी देश का सबसे बड़ा समूह है. सरकार ने अगले साल शुरू होने वाली कोविड-स्थगित जनगणना में जातियों की गणना करने का वादा किया है. राहुल गांधी का यह वादा और उनकी स्वीकारोक्ति ओबीसी समुदाय के बीच उनकी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है.