ऑपरेशन सिंदूर को लेकर चीन की ‘मध्यस्थता’ के दावे पर सियासी भूचाल, कांग्रेस ने केंद्र पर उठाए सवाल
भारत-पाक तनाव में चीन की मध्यस्थता के दावे पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है. जयराम रमेश ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए.
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य टकराव को लेकर चीन के मध्यस्थता के दावे ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए चीन की भूमिका पर स्पष्ट जवाब मांगा है.
पार्टी का कहना है कि ऐसे दावे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करते हैं, खासकर तब जब सरकार लगातार किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका से इनकार करती रही है.
कांग्रेस का केंद्र पर तीखा हमला
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बयान जारी कर कहा कि चीन का दावा बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि यह दावा भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा का मजाक उड़ाने जैसा है. रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार ने अब तक इन दावों पर कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी, जिससे जनता के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
ट्रंप और चीन के दावों पर सवाल
जयराम रमेश ने अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से ऑपरेशन सिंदूर को रोकने में भूमिका निभाई. कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री ने इन दावों पर कभी खुलकर जवाब नहीं दिया और अब चीन के समान दावे स्थिति को और गंभीर बना रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर और चीन की भूमिका
कांग्रेस नेता ने जुलाई 2025 में डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह के बयान का हवाला दिया. उनके अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को चीन की ओर से भी चुनौती का सामना करना पड़ा था. ऐसे में, चीन का मध्यस्थता का दावा न केवल विरोधाभासी है, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी सवाल खड़े करता है.
भारत-चीन संबंधों पर उठे सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि चीन के साथ भारत का दोबारा संवाद चीनी शर्तों पर हो रहा है. उन्होंने 19 जून 2020 को प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दी गई 'क्लीन चिट' का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारत की बातचीत की स्थिति कमजोर हुई. बढ़ता व्यापार घाटा और अरुणाचल प्रदेश को लेकर चीन की गतिविधियां भी चिंता का विषय हैं.
चीन का दावा और भारत का रुख
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने हाल ही में कहा कि चीन ने भारत-पाकिस्तान समेत कई वैश्विक संघर्षों में मध्यस्थता की है. हालांकि, भारत ने बार-बार किसी भी तीसरे पक्ष की भूमिका को खारिज किया है. नई दिल्ली का कहना है कि सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच सीधे संवाद से हुआ था.
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