T20 World Cup 2026

'कहां गया बीजेपी का राष्ट्रवाद?' ओवैसी ने चीन और ट्रंप के मुद्दे पर केंद्र को घेरा

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार चर्चा में बने हुए हैं. रविवार को एक बार फिर उन्होंने अपने एक बयान से सियासी तहलका मचा दिया.

X
Ashutosh Rai

नई दिल्ली: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी लगातार चर्चा में बने हुए हैं. रविवार को एक बार फिर उन्होंने अपने एक बयान से सियासी तहलका मचा दिया. औवैसी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की राष्ट्रवादी साख पर तीखा हमला बोला. 15 जनवरी को होने वाले जालना नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने सुरक्षा चिंताओं, चीनी निवेश और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणियों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया.

चीन और ऑपरेशन सिंदूर पर सरकार को चुनौती

ओवैसी ने आरोप लगाया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने खुलकर पाकिस्तान को हथियारों की सप्लाई की थी. उन्होंने डेटा का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान के लगभग 80 प्रतिशत सैन्य उपकरण चीन से आते हैं. ओवैसी ने सवाल किया, "जब चीन हमारे दुश्मन देश को सैन्य शक्ति प्रदान कर रहा है, तो भारत सरकार चीनी कंपनियों को देश में निवेश के लिए रेड कार्पेट क्यों बिछा रही है? यह किस तरह का राष्ट्रवाद है."

डोनाल्ड ट्रंप के अपमान पर चुप्पी क्यों?

ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर की गई हालिया टिप्पणियों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप बार-बार सार्वजनिक मंचों पर भारत का मजाक उड़ा रहे हैं और अपमान कर रहे हैं, लेकिन बीजेपी नेतृत्व इस पर पूरी तरह मौन है.

उन्होंने पूछा कि जब विदेशी ताकतें भारत का सम्मान कम करती हैं, तो बीजेपी का राष्ट्रवाद कहां गायब हो जाता है. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी हाल ही में चीनी कंपनियों को ढील और ट्रंप के बयानों पर सरकार की आलोचना की थी.

शेख हसीना पर सवाल

पूर्व बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में शरण देने के फैसले पर भी ओवैसी ने सरकार को घेरा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ भारतीय मुसलमानों को अक्सर बांग्लादेशी कहकर अपमानित किया जाता है और दूसरी तरफ सरकार खुद पूर्व बांग्लादेशी पीएम को पनाह दे रही है.

मुस्लिम युवाओं की लंबी कैद पर चिंता जताई

इसके अलावा, ओवैसी ने बिना मुकदमे के मुस्लिम युवाओं की लंबी कैद पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि जमानत से इनकार करना जीवन और स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का हनन है. ओवैसी ने छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम की लगातार कैद के लिए कांग्रेस को भी जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही UAPA कानून में संशोधन कर बिना जमानत के लंबी हिरासत को संभव बनाया है.