अहमदाबाद में बाबा साहेब की मूर्ति की नाक तोड़ी, सड़कों पर उतरे लोग, आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग
यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा संसद में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से संबंधित दिए गए बयान के बाद हुई है, जिसे लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. खोखरा इलाके में हुई घटना ने प्रदर्शन को और उग्र बना दिया है. लोग धरने पर बैठ गए हैं और उनकी प्रमुख मांग है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए. इसके साथ ही, वे आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकालने की भी मांग कर रहे हैं, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके और ऐसे कृत्यों को रोका जा सके.
अहमदाबाद के खोखरा इलाके में बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को तोड़े जाने की घटना ने क्षेत्र में तनाव का माहौल उत्पन्न कर दिया है. बताया जा रहा है कि कुछ असमाजिक तत्वों ने इस मूर्ति की नाक तोड़ दी, जिसके बाद इलाके में स्थिति तनावपूर्ण हो गई. इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है.
यह घटना केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा संसद में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर से संबंधित दिए गए बयान के बाद हुई है, जिसे लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे. खोखरा इलाके में हुई घटना ने प्रदर्शन को और उग्र बना दिया है. लोग धरने पर बैठ गए हैं और उनकी प्रमुख मांग है कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए. इसके साथ ही, वे आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकालने की भी मांग कर रहे हैं, ताकि दोषियों को कड़ी सजा दी जा सके और ऐसे कृत्यों को रोका जा सके.
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है. पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर शांति बनाए रखने के प्रयास किए हैं और प्रदर्शनकारियों से संवाद स्थापित करने की कोशिश की है. हालांकि, क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और प्रशासन ने मौके पर धारा 144 लागू कर दी है, जिससे किसी भी प्रकार के अनावश्यक जमावड़े और हिंसा से बचा जा सके.
प्रदर्शनकारी समाजिक न्याय, समानता और डॉ. आंबेडकर के योगदान को लेकर अपने आक्रोश को व्यक्त कर रहे हैं. उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में एकता और सौहार्द्र को बिगाड़ने का काम करती हैं और बाबासाहेब के योगदान का अपमान है. वे इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.