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'जम्मू-कश्मीर में बंकर की जरूरत नहीं, अगर सीमा पार से एक भी गोली चली तो..', नौशेरा में बोले अमित शाह

Amit Shah Nowshera Rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नौशेरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अब बंकरों की जरूरत नहीं है. उन्होंने सीमा पार से किसी भी तरह के हमले का कड़ा जवाब देने का वादा किया. उन्होंने पाकिस्तान के साथ बातचीत और अनुच्छेद 370 को बहाल करने की वकालत करने के लिए अब्दुल्ला परिवार की आलोचना की और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद पर लगाम लगाने में सरकार की सफलता की चर्चा की.

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Amit Shah Nowshera Rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में बंकरों की जरूरत नहीं है क्योंकि अगर सीमा पार से एक भी गोली चली तो सरकार गोले से जवाब देगी. ये बात उन्होंने पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कही, जिसका संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन करने का पुराना इतिहास रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री ने चुनावी राज्य जम्मू-कश्मीर के नौशेरा में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अब बंकरों की जरूरत नहीं है क्योंकि कोई भी गोली चलाने की हिम्मत नहीं कर सकता. अगर वहां गोली आई तो गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा.

अमित शाह ने पाकिस्तान के साथ बातचीत करने का सुझाव देने और अनुच्छेद 370 की बहाली के लिए बल्लेबाजी करने के लिए अब्दुल्ला परिवार पर भी निशाना साधा, जिसने 5 अगस्त, 2019 को पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इसे खत्म करने से पहले घाटी को विशेष दर्जा दिया था. अमित शाह ने कहा कि फारूक साहब, आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुच्छेद वापस नहीं आ सकता. वे शेख अब्दुल्ला (फारूक अब्दुल्ला के पिता) का झंडा वापस लाना चाहते हैं... जम्मू-कश्मीर में केवल हमारा तिरंगा लहराएगा. वे चाहते हैं कि हम पाकिस्तान के साथ बातचीत करें... हम आतंकवाद खत्म होने तक पाकिस्तान के साथ बातचीत के पक्ष में नहीं हैं.

शाह का आरोप- अब्दुल्ला परिवार आतंकियों को जेल से रिहा करना चाहता है

कश्मीर में आतंकवाद और आगजनी पर लगाम लगाने में अपनी सरकार की उपलब्धि का बखान करते हुए शाह ने कहा कि वे (अब्दुल्ला परिवार) आतंकवादियों को जेलों से रिहा करना चाहते हैं... लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने आतंकवाद को बहुत गहराई से दफना दिया है... कोई भी आतंकवादी या पत्थरबाज जेल से रिहा नहीं होगा.

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके फारूक अब्दुल्ला पर अपने हमले को तेज करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब जम्मू-कश्मीर कर्फ्यू और हत्याओं के दौर से गुजर रहा था, तब नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख लंदन में छुट्टियां मना रहे थे. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम पर निशाना साधते हुए पूछा कि जम्मू-कश्मीर में 30 साल तक आतंकवाद चलता रहा, 30 साल में 3 हजार दिन तक जम्मू-कश्मीर में कर्फ्यू लगा रहा, 40 हजार लोग मारे गए...फारूक साहब, आप उन दिनों कहां थे?

कश्मीर जल रहा था, फारूख साहब दिल्ली में छुट्टियां मना रहे थे: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री ने दावा किया कि मैं आपको बता दूं, जब कश्मीर जल रहा था, तब फारूक साहब लंदन में आराम से छुट्टियां मना रहे थे. मोदी आए और हमने एक-एक करके आतंकवादियों का सफाया कर दिया. शाह ने अब्दुल्ला के सहयोगी और कांग्रेस के वारिस राहुल गांधी पर भी हमला करते हुए कहा कि उनका एजेंडा आरक्षण खत्म करना है.

शाह ने कहा, "उनका (कांग्रेस, एनसी) एजेंडा आरक्षण को खत्म करना है. राहुल गांधी अमेरिका जाते हैं और कहते हैं कि ये लोग (पहाड़ी) अब विकसित हो गए हैं और उन्हें आरक्षण की जरूरत नहीं है. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि आरक्षण बना रहेगा. हमने (भाजपा) अनुच्छेद 370 को निरस्त किया. (एनसी अध्यक्ष) फारूक अब्दुल्ला कहते हैं कि वे इसे वापस लाएंगे. हालांकि, मैं सभी को बताना चाहता हूं कि कोई भी इसे दोबारा वापस नहीं ला सकता है.