'पार्टी में शामिल होने जा रही एक बड़ी मछली, 1oo सीटें पार नहीं कर पाएगी महायुति', शरद पवार की NCP का बड़ा दावा

बुधवार को एनसीपी (एसपी)  ने दावा किया कि दूसरी पार्टी का एक बड़ा नेता उनकी पार्टी में शामिल होने का विचार कर रहा है. इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि वह महाराष्ट्र में अपने सहयोगी कांग्रेस व शिवसेना (यूबीटी) के साथ मिलकर सत्ताधारी महायुति को उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

SOCIAL MEDIA
India Daily Live

Maharashtra Assembly Elections: महाराष्ट्र में जल्द ही विधानसभा चुनाव का ऐलान हो सकता है. चुनाव के मद्देनजर सभी राजनीतिक दलों ने बिसात बिछानी शुरू कर दी है. इसी बीच दल-बदल का खेल भी शुरू हो गया है. बुधवार को एनसीपी (एसपी)  ने दावा किया कि दूसरी पार्टी का एक बड़ा नेता उनकी पार्टी में शामिल होने का विचार कर रहा है. इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि वह महाराष्ट्र में अपने सहयोगी कांग्रेस व शिवसेना (यूबीटी) के साथ मिलकर सत्ताधारी महायुति को उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

नहीं किया नाम का खुलासा
एनसीपी के राज्य प्रमुख जयंत पाटिल ने नासिक में दावा किया कि एक अन्य दल का बड़ा नेता उनकी पार्टी में शामिल होने का विचार कर रहा है, हालांकि उन्होंने उस नेता के नाम का खुलासा नहीं किया. उन्होंने कहा कि नाम का खुलासा सही वक्त पर किया जाएगा.

एकनाथ खडसे का नाम सबसे ऊपर

जिन नेताओं के नामों पर चर्चा हो रही है उनमें से एक नाम एकनाथ खडसे का भी है जिन्होंने हाल ही में कहा था कि वह पार्टी के कुछ नेताओं के विरोध को कारण दोबारा बीजेपी में शामिल नहीं होंगे. बता दें कि बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस और गिरीश महाजन से मतभेदों के चलते खडसे ने दो साल पहले  बीजेपी से इस्तीफा दे दिया था और विभाजन से पहले वाली एनसीपी में शामिल होने की इच्छा जताई थी.

विधानसभा चुनाव से पहले एनसीपी (एसपी) के हौसले काफी बुलंद दिखाई दे रहे हैं क्योंकि  कई नेता अब तक पार्टी में शामिल होने की इच्छा जता चुके हैं. एनसीपी (एसपी) ने दावा किया कि महायुति सरकार के कामकाज को लेकर जनता में काफी आक्रोश है.

100 से ज्यादा सीटें नहीं पाएगी महायुति

एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा, 'बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार की एनसीपी 100 से ज्यादा सीटें नहीं पाएगी.' उन्होंने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार के प्रति नाराजगी की वजह से लोगों में गठबंधन सरकार के प्रति आक्रोश है.