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असदुद्दीन ओवैसी, इमरान मसूद, ए राजा...10 सांसद सस्पेंड, वक्फ बोर्ड पर जेपीसी की बैठक में ऐसा क्या हो गया?

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर जेपीसी की बैठक के दौरान हंगामे के बीच असदुद्दीन ओवैसी और कल्याण बनर्जी सहित दस विपक्षी सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया. तृणमूल कांग्रेस के बनर्जी ने अध्यक्ष के तानाशाही आचरण की आलोचना की.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
असदुद्दीन ओवैसी,  इमरान मसूद, ए राजा...10 सांसद सस्पेंड, वक्फ बोर्ड पर जेपीसी की बैठक में ऐसा क्या हो गया?

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक में शुक्रवार को जोरदार हंगामा हुआ, जिसके बाद विपक्ष के 10 सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया. निलंबित सांसदों में कल्याण बनर्जी, मोहम्मद जावेद, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, नासिर हुसैन, मोहिबुल्लाह, एम अब्दुल्ला, अरविंद सावंत, नदीमुल हक और इमरान मसूद शामिल हैं.

विपक्ष का आरोप और हंगामा

बैठक के बाद, तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल पर विपक्ष की आवाज़ों को अनसुना करने का आरोप लगाया. बनर्जी ने पाल पर "ज़मींदारी" की तरह कार्यवाही संचालित करने का आरोप लगाया, जिसका अर्थ है एक तानाशाही दृष्टिकोण अपनाना.

बनर्जी ने कहा, "हमने बार-बार 30 और 31 जनवरी को बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया, लेकिन हमारे अनुरोधों को अनदेखा कर दिया गया. जब हम पिछली रात दिल्ली पहुंचे, तो बैठक का विषय बदल दिया गया. शुरू में, हमें बताया गया था कि बैठक खंड दर खंड आगे बढ़ेगी. अंदर जो हो रहा है वह अघोषित आपातकाल जैसा लगता है. वे दिल्ली चुनावों के कारण चीजों को जल्दबाजी में कर रहे हैं - यह राजनीतिक रूप से प्रेरित है. अध्यक्ष किसी की नहीं सुनते; यह 'ज़मींदारी' जैसा लगता है. वे विपक्षी सदस्यों के लिए कोई सम्मान नहीं दिखाते हैं. यह जेपीसी एक तमाशा बन गया है."

बीजेपी का पलटवार

वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने विपक्ष पर हंगामा करने और संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया. उन्होंने विपक्षी सांसदों को निलंबित करने का प्रस्ताव भी पेश किया, जिसे बाद में पैनल द्वारा अनुमोदित कर दिया गया.

बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने विपक्ष के आचरण की आलोचना करते हुए कहा कि यह "घिनौना" था क्योंकि वे लगातार बैठक के दौरान हंगामा कर रहे थे और पैनल प्रमुख के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे.

उन्होंने कहा, "कल्याण बनर्जी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने जेपीसी के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल, एक बहुत ही वरिष्ठ नेता के खिलाफ बहुत ही असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया. हम इसकी निंदा करते हैं. हम चाहते हैं कि बैठक हो लेकिन साथ ही, जेपीसी अनन्त काल तक जारी नहीं रह सकती है. पूरी चर्चा को समाप्त करना होगा."

बैठक में तनाव और व्यवधान

संसदीय समिति की बैठक विपक्षी सांसदों द्वारा सरकार पर मसौदा कानून में प्रस्तावित बदलावों की समीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं देने का आरोप लगाने के साथ शुरू हुई.

कश्मीर के एक धार्मिक नेता मीरवाइज उमर फारूक को आमंत्रित करने से पहले, समिति ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा की. विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी दिल्ली चुनावों से पहले रिपोर्ट की मंजूरी में जल्दबाजी कर रही है.

चर्चा के दौरान तनाव के कारण थोड़ी देर के लिए स्थगन हुआ. समिति ने अपना सत्र फिर से शुरू किया, जिसके दौरान मीरवाइज के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल ने अपने विचार प्रस्तुत किए.

तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी और कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन वॉकआउट कर गए, बाद में पत्रकारों को बताया कि समिति की कार्यवाही एक "तमाशा" थी.

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर जेपीसी की बैठक को पहले भी व्यवधानों का सामना करना पड़ा है. पिछले साल अक्टूबर में, एक बैठक के दौरान तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी और बीजेपी सांसद अभिजीत गांगोपाध्याय के बीच झड़प हो गई थी. बनर्जी ने एक कांच की बोतल तोड़ दी और उसे समिति के अध्यक्ष, बीजेपी सांसद जगदम्बिका पाल की ओर फेंक दिया. इस प्रक्रिया में बनर्जी घायल हो गए थे.