Sunjay Kapur Property Dispute Case: उद्योगपति संजय कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर परिवार में जंग चल रही है. उनकी 21 मार्च की कथित वसीयत में पूरी संपत्ति उनकी विधवा प्रिया सचदेव कपूर के नाम कर दी गई थी. यही वसीयत विवाद की जड़ बन गई है, क्योंकि करिश्मा कपूर से संजय के बच्चों समायरा और कियान का दावा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी. दोनों बच्चे अपनी हिस्सेदारी मांग रहे हैं.
गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने प्रिया सचदेव की ओर से उठाई गई NDA की मांग पर सवाल खड़े किए. अदालत ने कहा, 'एक सीलबंद लिफाफे में कितनी जानकारी दी जा सकती है? अदालती कार्यवाही की एक सीमा होती है. मुझे वह फैसला दिखाइए जो गोपनीयता की अनुमति देता है.'
प्रिया सचदेव कपूर ने अदालत में कहा कि वह संपत्ति का विवरण छुपाना नहीं चाहतीं, लेकिन वित्तीय जानकारी संवेदनशील है और साइबर सुरक्षा का खतरा मौजूद है. उन्होंने मीडिया लीक पर निराशा जताते हुए कहा, 'आम जनता को बैंक विवरण क्यों उपलब्ध होने चाहिए? अदालत से बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार-बार जानकारी लीक हो रही है.'
करिश्मा कपूर के बच्चों का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने अदालत में कहा कि विवादित बैंक खाते से राशि पहले ही समाप्त हो चुकी है. उनका कहना है कि NDA बच्चों के कानूनी अधिकारों को प्रभावित करेगा और उन्हें वसीयत पर सवाल उठाने से रोकेगा. सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि संजय की मां रानी कपूर ने भी अदालत में अपनी आवाज उठाई. उन्होंने दावा किया कि संजय की वसीयत से उन्हें 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है और अब वह 'बिना छत के' रह रही हैं.
न्यायमूर्ति सिंह ने प्रिया सचदेव को कथित वसीयत अदालत में जमा करने का आदेश दिया. अदालत ने साफ कहा कि पारदर्शिता बेहद जरूरी है और सभी पक्षों को लिखित बयान और जवाब दायर करना होगा. यह हाई-प्रोफाइल मामला अभी जारी है. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की है, जहां यह स्पष्ट होगा कि संजय कपूर की संपत्ति का बंटवारा किस प्रकार होगा और क्या बच्चों का दावा अदालत में टिक पाएगा.