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सलमान खान संग किया था डेब्यू... फिर क्यों महेश बाबू से शादी कर मिस इंडिया नम्रता शिरोडकर ने छोड़ा ग्लैमर

नब्बे के दशक की मशहूर एक्ट्रेस नम्रता शिरोडकर आज अपना 54वां जन्मदिन मना रही हैं. बाल कलाकार के रूप में करियर शुरू करने वाली नम्रता मिस इंडिया बनीं. सलमान खान के साथ डेब्यू किया. संजय दत्त की फिल्म से पहचान मिली. बाद में महेश बाबू से शादी कर फिल्मों से दूरी बना ली.

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Babli Rautela

मुंबई: नम्रता शिरोडकर का जन्म 22 जनवरी 1972 को मुंबई में हुआ था. उनके पिता नितिन शिरोडकर और मां वनिता शिरोडकर थीं. उनकी बड़ी बहन शिल्पा शिरोडकर भी नब्बे के दशक की जानी मानी एक्ट्रेस रही हैं. घर का माहौल शुरू से ही कला और फिल्मों से जुड़ा रहा. बता दें की नम्रता ने पांच साल की उम्र में ही फिल्मों में काम शुरू कर दिया था. साल 1977 में रिलीज हुई फिल्म शिरडी के साईं बाबा में वह बाल कलाकार के रूप में नजर आई थीं. इसी अनुभव ने उनके भीतर आत्मविश्वास पैदा किया.

पढ़ाई पूरी करने के बाद नम्रता ने मॉडलिंग को अपना करियर चुना. उनकी खूबसूरती और अनुशासन ने उन्हें तेजी से पहचान दिलाई. साल 1993 में उन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीत लिया. इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया.

सलमान खान के साथ किया बॉलीवुड डेब्यू

मॉडलिंग में सफलता के बाद नम्रता ने फिल्मों का रुख किया. साल 1998 में उन्होंने सलमान खान के साथ फिल्म जब प्यार किसी से होता है से बॉलीवुड में डेब्यू किया. फिल्म ने उन्हें पहचान तो दी लेकिन बड़ी सफलता अभी बाकी थी.

नम्रता को असली पहचान साल 1999 में आई फिल्म वास्तव से मिली. इस फिल्म में उन्होंने संजय दत्त की पत्नी का किरदार निभाया था. उनका सादा और सशक्त अभिनय दर्शकों को बेहद पसंद आया.

साउथ सिनेमा के महेश बाबू से मुलाकात

साल 2000 में नम्रता ने तेलुगु सिनेमा में कदम रखा. फिल्म वामसी के दौरान उनकी मुलाकात साउथ एक्टर महेश बाबू से हुई. यहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई जो धीरे धीरे प्यार में बदल गई. साल 2005 में नम्रता और महेश बाबू ने शादी कर ली. इसके बाद नम्रता ने फिल्मों से दूरी बना ली और परिवार को प्राथमिकता दी. आज वह बेटी सितारा और बेटे गौतम की मां हैं और एक संतुलित जीवन जी रही हैं.

आज नम्रता शिरोडकर एक सफल अभिनेता की पत्नी ही नहीं बल्कि एक मजबूत और प्रेरणादायक महिला के रूप में जानी जाती हैं. उनका जीवन यह सिखाता है कि करियर और परिवार के बीच संतुलन बनाना भी एक बड़ी सफलता है.