Bipasha Basu: मां बनने के बाद बॉडी शेमिंग का शिकार हुई बिपाशा बसु, ट्रोल्स को दिया करारा जवाब

Bipasha Basu: बनने के बाद अपने वजन बढ़ने को लेकर ट्रोल करने वालों को बिपाशा बसु ने कड़ा जवाब दिया है. 2022 में अपनी बेटी देवी बसु सिंह ग्रोवर के जन्म के बाद से बिपाशा को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. कई वीडियो और मीम्स में उनके वजन का मजाक उड़ाया गया.

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Babli Rautela

Bipasha Basu: बॉलीवुड एक्ट्रेस बिपाशा बसु ने मां बनने के बाद अपने वजन बढ़ने को लेकर ट्रोल करने वालों को कड़ा जवाब दिया है. 2022 में अपनी बेटी देवी बसु सिंह ग्रोवर के जन्म के बाद से बिपाशा को सोशल मीडिया पर लगातार ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. कई वीडियो और मीम्स में उनके वजन का मजाक उड़ाया गया. अब एक्ट्रेस ने खुलकर अपनी बात रखी और समाज के रवैये को 'चिंताजनक' बताया.

बिपाशा ने कहा कि मीम्स और ट्रोल्स उनकी पहचान नहीं बनाते. उन्होंने एक इंस्टाग्राम रील पर कमेंट करते हुए लिखा, 'मैं एक आत्मविश्वासी महिला हूं. मेरा परिवार और पति मुझे प्यार और समर्थन देते हैं. ट्रोल्स मुझे परिभाषित नहीं करते और न ही उन्होंने मुझे बनाया.' उन्होंने समाज के उस रवैये पर सवाल उठाया, जो महिलाओं को उनके शरीर के आधार पर आंकता है. बिपाशा ने कहा, 'यह समाज का परेशान करने वाला चेहरा है. मेरी जगह कोई और महिला ऐसी क्रूरता से आहत हो सकती थी.'

दबाव को उजागर करने वाली रील

मिस इंडिया रह चुकी श्वेता विजय नायर ने एक रील साझा की, जिसमें उन्होंने बच्चें को जन्म देने के बाद महिलाओं पर पड़ने वाले सामाजिक दबाव को उजागर किया. उन्होंने बताया कि नई माएं पहले ही कई चुनौतियों का सामना करती हैं, फिर भी समाज उनके शरीर को निशाना बनाता है. बिपाशा ने श्वेता के इस प्रयास की सराहना की. उन्होंने कहा, 'महिलाओं को उनकी लाखों भूमिकाओं के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. अगर हम एक-दूसरे का समर्थन करें, तो महिलाएं और मजबूत होंगी. हम अजेय हैं.'

करण सिंह ग्रोवर का समर्थन

बिपाशा के पति और एक्टर करण सिंह ग्रोवर ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी. उन्होंने कमेंट करते हुए लिखा कि, 'महिलाएं जीवन देती हैं. वे हमारे लिए देवी हैं. मेरा मानना है कि ईश्वर एक स्त्री ऊर्जा है. हमें महिलाओं की पूजा करनी चाहिए.' करण के इस बयान ने बिपाशा के संदेश को और मजबूती दी.

बिपाशा ने समाज से अपील की कि महिलाओं को उनके योगदान के लिए सम्मान दिया जाए. उन्होंने कहा कि ऐसी ट्रोलिंग न केवल व्यक्तिगत रूप से हानिकारक है, बल्कि यह समाज के गलत दृष्टिकोण को भी दर्शाती है. उन्होंने अधिक सकारात्मक और सहायक आवाजों की जरूरत पर जोर दिया.