यूट्यूब ने इंडियन यूट्यूबर्स को अब तक कितने करोड़ दिए, CEO ने पीएम मोदी को बताया
नील मोहन ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूट्यूब पर दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले सरकारी नेता हैं. उनके यूट्यूब चैनल के 2.5 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं.
WAVES 2025 समिट में यूट्यूब के सीईओ नील मोहन ने भारत के क्रिएटर इकोनॉमी की शानदार प्रगति को रेखांकित किया. उन्होंने यूट्यूब के भारतीय प्रतिभाओं को समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई और कई बड़े ऐलान किए. आइए, इस खबर को सरल हिंदी में समझते हैं.
इंडियन क्रिएटर्स को 21,000 करोड़ का भुगतान,
नील मोहन ने बताया कि यूट्यूब ने अब तक भारत के क्रिएटर्स और कलाकारों को 21,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है. यह राशि यूट्यूब की भारतीय प्रतिभाओं के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि यूट्यूब ने न केवल क्रिएटर्स को आर्थिक सहायता दी, बल्कि उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा देने में भी मदद की है. यह आंकड़ा भारत में यूट्यूब की लोकप्रियता और इसके क्रिएटर्स के योगदान को उजागर करता है.
अगले दो साल में 850 करोड़ का निवेश
मोहन ने एक और बड़ा ऐलान किया. यूट्यूब अगले दो साल में भारतीय क्रिएटर्स के लिए 850 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश करेगा. इस निवेश का उद्देश्य भारतीय क्रिएटर्स को वैश्विक मंच पर ले जाना और उनकी प्रतिभा को निखारना है. इस राशि का उपयोग क्रिएटर्स को प्रशिक्षण देने, उनकी रचनात्मकता को समर्थन देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने में किया जाएगा. मोहन ने कहा, “हम भारत के अगली पीढ़ी के क्रिएटर्स को हरसंभव मदद देना चाहते हैं.”
पीएम मोदी का यूट्यूब पर दबदबा
नील मोहन ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यूट्यूब पर दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले सरकारी नेता हैं. उनके यूट्यूब चैनल के 2.5 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. यह भारत के डिजिटल प्रभाव और यूट्यूब की पहुंच को दर्शाता है. पीएम मोदी का चैनल सरकारी योजनाओं, संदेशों और अपडेट्स को लोगों तक पहुंचाने का एक मजबूत माध्यम बना हुआ है.
भारत में क्रिएटर्स की तेजी से बढ़ती संख्या
भारत में यूट्यूब क्रिएटर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है. पिछले एक साल में 10 करोड़ से ज्यादा भारतीय यूट्यूब चैनलों ने कंटेंट प्रकाशित किया. इसके अलावा, 10 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाले चैनलों की संख्या 11,000 से बढ़कर 15,000 हो गई. यह वृद्धि भारत के युवाओं की रचनात्मकता और यूट्यूब के मंच की ताकत को दिखाती है. गेमिंग, शिक्षा, मनोरंजन और लाइफस्टाइल जैसे क्षेत्रों में भारतीय क्रिएटर्स नई ऊंचाइयां छू रहे हैं.
भारत के लिए यूट्यूब की योजना
नील मोहन ने कहा कि यूट्यूब भारत को अपनी प्राथमिकता मानता है. कंपनी भारतीय क्रिएटर्स को नई तकनीकों, जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट, का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. इसके अलावा, यूट्यूब स्थानीय भाषाओं में कंटेंट को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दे रहा है, ताकि भारत के हर कोने के दर्शक इससे जुड़ सकें.