अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर किए गए सैन्य हमलों के बाद दुनिया भर के बाजारों में हलचल तेज हो गई है. अमेरिकी कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की खबरों ने भू-राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है. इस घटनाक्रम की पुष्टि अमेरिकी प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने की है. ऐसे हालात में निवेशक सतर्क हो गए हैं और बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है.
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव का सबसे ज्यादा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ता दिख रहा है. जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाते हैं. ऐसे समय में वे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं. इसी वजह से आने वाले दिनों में बुलियन, बेस मेटल्स और ऊर्जा से जुड़ी कमोडिटीज में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तनाव का सीधा फायदा सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं को मिल सकता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना पहले ही मजबूत स्तर पर बंद हुआ है और आगे भी इसमें तेजी बनी रह सकती है. चांदी की कीमतों में भी उछाल के संकेत मिल रहे हैं. घरेलू बाजार में MCX पर सोना और चांदी नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ सकते हैं, क्योंकि वैश्विक माहौल इनके पक्ष में है.
वेनेजुएला एक बड़ा तेल उत्पादक देश है. ऐसे में वहां सैन्य कार्रवाई से कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ना स्वाभाविक है. विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में कुछ डॉलर प्रति बैरल तक तेजी आ सकती है. इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ेगा और MCX पर कच्चा तेल ऊपर खुल सकता है.
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर बहुत बड़ी नहीं है. इसलिए इस तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ने की संभावना कम है. तेल की कीमतें बढ़ने से तेल और गैस सेक्टर पर थोड़ा दबाव आ सकता है, लेकिन पूरे बाजार में भारी गिरावट की आशंका नहीं है.
कुल मिलाकर, अमेरिका–वेनेजुएला तनाव का असर सोना, चांदी और कच्चे तेल पर ज्यादा और भारतीय शेयर बाजार पर सीमित रह सकता है. निवेशकों को इस दौर में जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत है, क्योंकि वैश्विक घटनाएं आगे बाजार की चाल तय कर सकती हैं.