बाजार में भारी गिरावट, मार्केट खुलते ही 6 लाख करोड़ हुए स्वाहा! सेंसेक्स 800 और निफ्टी 250 अंक से हुआ धड़ाम

शुक्रवार को बाजार खुलते ही भारी बिकवाली से सेंसेक्स 800 और निफ्टी 250 अंक से ज्यादा टूटे. आईटी शेयरों में बड़ी गिरावट और महंगाई के आंकड़ों ने निवेशकों को 6 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान कराया.

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Kuldeep Sharma

मुंबई: आज शेयर बाजार में जबरदस्त दबाव देखने को मिला. शुक्रवार सुबह बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा दौर शुरू हुआ कि कुछ ही मिनटों में निवेशकों की करीब 6 लाख करोड़ रुपये की पूंजी साफ हो गई. सेंसेक्स 800 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी भी 250 अंक से अधिक टूट गया. गिरावट सिर्फ बड़े इंडेक्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेज कमजोरी दर्ज की गई.

आईटी सेक्टर बना बड़ी वजह

इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर आईटी शेयरों पर दिखा. निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 4.8 फीसदी टूटकर 31,600 के नीचे आ गया, जो 10 महीने का निचला स्तर है. इन्फोसिस 6 प्रतिशत से ज्यादा, टीसीएस लगभग 5 प्रतिशत और एचसीएल टेक, विप्रो जैसे शेयर 3-4 प्रतिशत तक गिरे. पिछले एक महीने में आईटी इंडेक्स करीब 17 प्रतिशत टूट चुका है, जिसने बाजार की धारणा कमजोर कर दी.

ग्लोबल और महंगाई का दबाव

भारतीय महंगाई के ताजा आंकड़ों ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है. नए आधार वर्ष के अनुसार जारी आंकड़ों से संकेत मिला कि महंगाई ऊंची बनी हुई है, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हुई. दूसरी ओर, अमेरिकी टेक इंडेक्स नैस्डैक में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट से वैश्विक बाजारों में नकारात्मक माहौल बना. एआई के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग घटने की आशंका भी दबाव बढ़ा रही है.

मार्केट ब्रेड्थ बेहद कमजोर

एनएसई पर कारोबार करने वाले करीब 2,700 शेयरों में से केवल लगभग 400 में तेजी रही, जबकि 2,200 से अधिक शेयर लाल निशान में बंद हुए. कई शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर के करीब पहुंचे. इंडिया VIX 11.73 पर रहा, जो 12 से नीचे है, लेकिन इसमें हल्की बढ़त दर्ज की गई. इससे बाजार में घबराहट सीमित, पर सतर्कता बरकरार दिखी.

चुनिंदा शेयरों ने संभाला मोर्चा

गिरावट के बीच कुछ हैवीवेट शेयरों ने आंशिक सहारा दिया. एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और एसबीआई लाइफ में हल्की बढ़त दर्ज की गई. इसके बावजूद निफ्टी 25,500 के आसपास दबाव में बना रहा. विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक आईटी और वैश्विक संकेतों में सुधार नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.