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मजदूर दिवस के दिन आई गुड न्यूज! सरकार ने घटा दिए LPG के दाम, जानें लेटेस्ट रेट

फ्यूल की कीमतों में यह कटौती ऐसे समय में की गई है जब कच्चे तेल की कीमतें चार साल के निचले स्तर आ गई हैं. कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 63 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है जो अप्रैल 2021 के बाद सबसे निचला स्तर है.

Sagar Bhardwaj

कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद जेट फ्यूल और एलपीजी की कीमतों में भारी कटौती हुई है.  सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने गुरुवार को कॉमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 19 किलो के सिलेंडर पर 14.50 रुपए के हिसाब से कटौती की है, वहीं विमानों के ईंधन में 4.4 प्रतिशत की कटौती की गई है.

ATF की कीमतों में भारी कटौती
वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में कटौती से विमान कंपनियों को भी भारी लाभ हुआ है. एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत लगभग 3,954.38 रुपए प्रति किलोलीटर (1,000 लीटर) घटाकरप 85,486.80 रुपए प्रति किलोलीटर कर दी गई है. इससे विमानन कंपनियों को बड़ी राहत की उम्मीद है क्योंकि उनके खर्चे का 30 प्रतिशत हिस्सा केवल ईंधन पर खर्च होता है.

1 अप्रैल को भी हुई थी कीमतों में कटौती

इससे पहले 1 अप्रैल को भी एटीएफ में 5,870.54 रुपए प्रति किलोलीटर की कटौती की गई थी.

चार साल के निचले स्तर पर कच्चा तेल
फ्यूल की कीमतों में यह कटौती ऐसे समय में की गई है जब कच्चे तेल की कीमतें चार साल के निचले स्तर आ गई हैं. कच्चे तेल का बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 63 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है जो अप्रैल 2021 के बाद सबसे निचला स्तर है.

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत
तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत है, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का करीब 85 फीसदी तेल आयात करता है. तेल की कीमतों में गिरावट से भारत का आयात बिल घटता है. इससे चालू खाता घाटा (CAD) कम होता है और रुपया मजबूत होता है. भारत इस समय दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है.