US Israel Iran War

केंद्र सरकार ने बीमा क्षेत्र में 100% FDI को दी मंजूरी, आम जनता को होगा बड़ा फायदा

सरकार ने बीमा क्षेत्र में 100% विदेशी निवेश को मंजूरी दे दी है. हालांकि LIC के लिए यह सीमा 20% पर बनी रहेगी. चीन या हांगकांग की 10% से अधिक हिस्सेदारी वाली कंपनियों पर पुरानी पाबंदियां लागू होंगी.  

pinterest
Sagar Bhardwaj

केंद्र सरकार ने शनिवार को बीमा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को स्वचालित मार्ग से मंजूरी दे दी. यह फैसला देश में बीमा पहुंच बढ़ाने, प्रीमियम कम करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के उद्देश्य से लिया गया है. हालांकि, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के लिए यह सीमा 20 प्रतिशत पर ही बनी रहेगी. विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण साधन) नियम, 2026 में यह संशोधन किया गया है.  

LIC पर बनी रहेगी 20% की सीमा

नए नियमों में साफ कहा गया है कि LIC में विदेशी निवेश अधिकतम 20 प्रतिशत ही होगा. यह निवेश जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 और बीमा अधिनियम, 1938 के प्रावधानों के तहत ही मान्य होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले संसद में कहा था कि एलआईसी सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था है, इसलिए इसकी सुरक्षा जरूरी है. पोर्टफोलियो निवेशक भी अब बीमा कंपनियों में निवेश कर सकेंगे, लेकिन इसके लिए IRDAI की मंजूरी और सत्यापन जरूरी होगा.  

भूमि सीमा वाले देशों पर लागू रहेंगे सख्त नियम

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि चीन, हांगकांग, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, म्यांमार जैसे भूमि सीमा वाले देशों पर सख्त नियम लागू रहेंगे. पहले ऐसे देशों का एक भी शेयर होने पर अनिवार्य मंजूरी लेनी पड़ती थी. अब यह पाबंदी केवल लाभकारी स्वामियों (बेनेफिशियल ओनर्स) पर लागू होगी. यानी अगर किसी फर्म में इन देशों के नागरिकों का लाभकारी स्वामित्व है, तो उसे मंजूरी लेनी होगी.  

लोगों को क्या होगा फायदा

संसद ने पिछले दिसंबर में 74% से बढ़ाकर 100% FDI का विधेयक पारित किया था. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन गया. वित्त मंत्री ने कहा था कि इससे विदेशी कंपनियों को स्थानीय साझेदार न मिलने पर भी अकेले भारत आने का रास्ता खुलेगा. अधिक कंपनियां आने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, प्रीमियम घटेगा और बीमा पैठ बढ़ेगी जिसका सीधा फायदा आम आदमी को मिलेगा और वो बीमा कराने के लिए आकर्षित होंगे.