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पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का महायुद्ध, 142 सीटों पर सीधी टक्कर, मोदी बनाम ममता, सुरक्षा कड़ी, क्या बदल जाएगा सत्ता का पूरा खेल?

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल चरम पर पहुंच गया है. दूसरे चरण में 142 सीटों पर वोटिंग होने जा रही है. बड़े नेता पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं, जबकि सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है. मुकाबला बेहद रोमांचक बन चुका है.

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का महायुद्ध, 142 सीटों पर सीधी टक्कर, मोदी बनाम ममता, सुरक्षा कड़ी, क्या बदल जाएगा सत्ता का पूरा खेल?
Courtesy: Credit: OpenAi

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होने जा रहा है. इसमें कुल 142 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे. यह चुनाव राज्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इन सीटों पर मुकाबला काफी कड़ा है. मतदान आठ बड़े जिलों में होगा, जिनमें कोलकाता और नॉर्थ 24 परगना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं. चुनाव आयोग ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है.

बड़े नेताओं ने झोंकी पूरी ताकत

इस चरण के चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार रैलियां कर रहे हैं. हर पार्टी अपने एजेंडे को जनता तक पहुंचाने में जुटी है. बीजेपी और टीएमसी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है. दोनों ही दल एक-दूसरे पर जमकर आरोप लगा रहे हैं. इससे चुनावी माहौल और भी गरमा गया है.

पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान से बढ़ा उत्साह

पहले चरण के मतदान में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई थी. इस भारी मतदान ने सभी पार्टियों के हौसले बढ़ा दिए हैं. अब दूसरे चरण में भी इसी तरह की भागीदारी की उम्मीद की जा रही है. चुनाव आयोग भी ज्यादा से ज्यादा मतदान सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. लोगों में भी चुनाव को लेकर उत्साह साफ नजर आ रहा है.

मुद्दों पर सियासत और आरोप-प्रत्यारोप

चुनावी प्रचार के दौरान कई अहम मुद्दे सामने आए हैं. बीजेपी ने जहां टीएमसी पर भ्रष्टाचार और हिंसा के आरोप लगाए हैं, वहीं टीएमसी ने बीजेपी पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है. इसके अलावा घुसपैठ, यूनिफॉर्म सिविल कोड और खानपान जैसे मुद्दे भी चर्चा में रहे. दोनों दल अपने-अपने तरीके से जनता को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं.

किए गए सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दूसरे चरण के मतदान को शांतिपूर्ण कराने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। हर क्षेत्र में पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है। किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है। आयोग ने साफ कहा है कि चुनाव में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ी

सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए खास रणनीति बनाई गई है। करीब 160 मोटरसाइकिलों पर दो-दो जवानों की टीम तैनात की गई है, जो इलाके में लगातार पेट्रोलिंग करेंगी। इसका मकसद है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। यह कदम मतदाताओं को सुरक्षित माहौल देने के लिए उठाया गया है।

मुकाबला दिलचस्प, नजरें नतीजों पर

दूसरे चरण का चुनाव राज्य की राजनीति की दिशा तय कर सकता है। बीजेपी और टीएमसी के बीच कड़ा मुकाबला है और हर सीट पर कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस चरण के नतीजे आगे की रणनीति को प्रभावित करेंगे। अब सभी की नजर 29 अप्रैल की वोटिंग और उसके बाद आने वाले परिणामों पर टिकी हुई है।