तमिलनाडु चुनाव में ECI का सुपर स्ट्राइक: वोटिंग से 5 दिन पहले हटाया गए IG, चुनाव ड्यूटी पर भी लगाया बैन
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ECI ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए राज्य के इंटेलिजेंस IG को हटा दिया.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के फाइनल मुकाबले में अब महज 5 दिन का वक्त बचा है, लेकिन वोटिंग से ठीक पहले भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा प्रशासनिक स्ट्रोक खेला है. चुनाव आयोग ने सख्त एक्शन लेते हुए राज्य के पुलिस महानिरीक्षक के.ए. सेंथिल वेलन को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है. आयोग ने साफ कर दिया है कि जब तक चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हो जाती, तब तक सेंथिल वेलन को चुनाव से जुड़ी कोई भी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी.
अविनाश कुमार को मिली नई कमान
सेंथिल वेलन को 'बेंच' पर बिठाने के साथ ही, ECI ने 2004-बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी अविनाश कुमार को नया आईजी नियुक्त किया है. चुनाव आयोग के सचिव मधुसूदन गुप्ता की ओर से तमिलनाडु के मुख्य सचिव को यह सख्त फरमान भेजा गया है. आयोग ने राज्य सरकार को रविवार शाम 5 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है कि वे अविनाश कुमार के कार्यभार संभालने की कन्फर्मेशन रिपोर्ट हर हाल में जमा करें.
आखिर क्यों चला ECI का चाबुक?
चुनाव के इस बेहद नाजुक मोड़ पर खुफिया विभाग जैसे संवेदनशील पद पर अचानक हुए इस बदलाव ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है. हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह कोई असामान्य बात नहीं है. जब चुनाव बिल्कुल करीब होते हैं, तो आयोग एक सख्त 'अंपायर' की भूमिका निभाते हुए यह सुनिश्चित करता है कि मुकाबला पूरी तरह से निष्पक्ष हो. इंटेलिजेंस और कानून-व्यवस्था से जुड़े अहम पदों पर किसी भी संभावित पक्षपात या राजनीतिक दबाव को खत्म करने के लिए ही ऐसे कड़े फैसले लिए जाते हैं, ताकि सभी दलों को एकदम बराबर की प्लेइंग फील्ड मिल सके.
23 अप्रैल को होगा महामुकाबला
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को मतदान होना है और इस वक्त राज्य में चुनावी प्रचार अपने चरम पर है. सभी दिग्गज दल वोटरों को लुभाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. ऐसे में चुनाव आयोग की पैनी नजर राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर टिकी है. आयोग की कोशिश है कि यह पूरा चुनाव बिना किसी दाग या विवाद के पारदर्शी तरीके से संपन्न हो.